इंस्पायर प्रोग्राम का चौथा दिन - जलवायु परिवर्तन और अर्थव्यवस्था का सीधा संबंध - डाॅ. अतुल वर्मा

 
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जलवायु परिवर्तन और अर्थव्यवस्था का सीधा संबंध होता है, जलवायु में परिवर्तन होते ही अनेक हवाई यात्राऐं, रेल यात्रा, पानी के जहाज तथा अनेक व्यापारिक गतिविधियों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। यदि खराब मौसम के कारण प्लाईट लगातार रद्द होती है, तो एक अनुमान के मुताबिक अस्सी हजार यूएस डाॅलर का नुकसान होता है। ये उद्गार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अहमदाबाद के प्रसिध्द वैज्ञानिक डाॅ. अतुल वर्मा ने आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में चल रहे डीएसटी नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित इंस्पायर साईंस इंटर्नषिप कैम्प में पांचवे दिन अपना आमंत्रित व्याख्यान देते हुए व्यक्त किये। वर्तमान समय में हो रही खंडवृष्टि के कारण समझाते हुए उन्होंने कहा कि यह संवहन धाराओं के एक जगह एकत्रित होने तथा उनकी अधिक तीव्रता के कारण होता है। डाॅ. वर्मा ने बताया कि सायक्लोन, हरिकेन तथा टाॅयफुन सभी एक ही है, केवल क्षेत्र के आधार पर भिन्न भिन्न नामकरण किया गया है। डाॅ. वर्मा ने बहुत अच्छे तरीके से विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन के कारण एवं उसके प्रभाव को समझाया। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन से प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ हमें अनेक बिमारियों का भी सामना करना पड़ता है। पृथ्वी की घुर्णन गति तथा परिक्रमा पथ में भी धीमी गति से लगातार परिवर्तन होता रहता है, परंतु कई हजार साल में यह परिवर्तन होने के कारण हमंेे महसूस नही होता। डाॅ. वर्मा ने मौसम विज्ञान के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी।