बसंत पंचमी केवल पूजन ही नही बल्कि आदर्षो को आत्मसात करने का दिन है। हम सभी को माता पूजन के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के अनुषासन एवं आदर्ष का पालन करने का प्रयास करना चाहिये। ये उद्गार शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के प्राचार्य डाॅ. अजय कुमार सिंह ने आज महाविद्यालय के आर्टस क्लब, साईंस क्लब, वाणिज्य क्लब एवं पब्लिक स्पीकिंग सोसायटी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित रंगारंग कार्यक्रम स्पंदन में बड़ी संख्या में उपस्थित प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। डाॅ. सिंह ने कहा कि आज का दिन इसीलिए भी विषेष है, कि आज प्रसिध्द कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जयंती तथा नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती को हम सभी पराक्रम दिवस के रूप में एक साथ मना रहे है। यह जानकारी देते हुए स्पंदन कार्यक्रम के संयोजक डाॅ. अम्बरीष त्रिपाठी ने बताया कि डाॅ. अजय सिंह ने सभी विद्यार्थियों से आव्हान किया कि वे अध्ययन के साथ-साथ राष्ट्रीय षिक्षा नीति के अनुरूप अपना सर्वोंगीण विकास करने का प्रयास करें। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि शासकीय नवीन संगीत महाविद्यालय, दुर्ग की प्राचार्य डाॅ. ऋचा ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन से विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा उभारकर सामने आती है। 

        साईंस क्लब की संयोजक डाॅ. प्रज्ञा कुलकर्णी, आर्ट्स क्लब की संयोजक डाॅ. मर्सी जाॅर्ज एवं वाणिज्य क्लब के संयोजक डाॅ. एस.एन.झा के मार्गदर्षन में आयोजित रंगारंग स्पंदन कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेषों के लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम का सफल संचालन महाविद्यालय के छात्र दिपांषु नेताम ने किया। इस अवसर पर की गयी प्रस्तुतियों में एमटी मृण्यमय द्वारा प्रस्तुत भरत नाट्यम, खुषी द्वारा प्रस्तुत एकल ओडिसी नृत्य, सेमि क्लासिकल नृत्य रोषनी द्वारा प्रस्तुत तथा मेघा एवं साथियों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य ने दर्षकों की खूब तालियां बटोरी। इनके अलावा अन्य उल्लेखनीय प्रस्तुतियों में दिलीप एवं सार्थियों द्वारा प्रस्तुत राॅक बैण्ड, राषि एवं साथी द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी नृत्य, साक्षी एवं सार्थियों द्वारा प्रस्तुत पंजाबी नृत्य, खुषबू एवं सार्थियों द्वारा प्रस्तुत गुजराती नृत्य, योग नृत्य, लीना एवं साथियों द्वारा प्रस्तुत मराठी नृत्य तथा दक्षिण भारतीय नृत्य शामिल थे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के पश्चात् विभिन्न क्लबों द्वारा आयोजित स्पर्धाओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किये गये। 

        इस अवसर पर उपस्थित महाविद्यालय की स्वषासी परीक्षा प्रकोष्ठ नियंत्रक डाॅ. जगजीत कौर सलूजा एवं मीडिया प्रभारी डाॅ. प्रषांत श्रीवास्तव ने बताया कि अनेकता में एकता के उद्देष्य तथा सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के उत्सव स्पंदन के आरंभ के पूर्व महाविद्यालय के संस्कृत एवं योग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से माता सरस्वती की पूजन का भव्य आयोजन हुआ। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के पश्चात् महाविद्यालय के प्रांगण में विभिन्न प्रातों की स्वादिष्ट व्यंजनों से युक्त लगभग एक दर्जन से अधिक फूड स्टाॅल युक्त आनंद मेले का आयोजन विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों द्वारा किया गया। इन फूड स्टाॅलों का समूचे महाविद्यालय परिवार ने भरपूर आनंद लिया। इन स्टाॅलों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, तमिलनाडू, गुजरात, उत्तर प्रदेष, बिहार, राजस्थान आदि प्रदेषों के व्यंजनों के साथ-साथ विद्यार्थियों द्वारा निर्मित क्राफ्ट प्रदर्षनी भी लगायी गयी थी।